b0579 – परमेश्वर के नियम पर पोस्ट: “अनार्जित अनुग्रह” शब्दावली शास्त्र में नहीं है; यह यीशु के…

b0579 - परमेश्वर के नियम पर पोस्ट: "अनार्जित अनुग्रह" शब्दावली शास्त्र में नहीं है; यह यीशु के...

“अनार्जित अनुग्रह” शब्दावली शास्त्र में नहीं है; यह यीशु के स्वर्गारोहण के बाद गढ़ा गया एक धार्मिक शब्द है, जिसका उद्देश्य अन्यजातियों को इस्राएल से अलग करना और एक नया धर्म बनाना था, जिसमें नए सिद्धांत और परंपराएँ हों, साथ ही उद्धार के लिए परमेश्वर के नियमों का पालन करने की आवश्यकता को हटा दिया जाए। इस अवधारणा का न तो पुराने नियम में और न ही यीशु के सुसमाचारों के शब्दों में कोई समर्थन है। यह कहना कि मनुष्य अपनी उद्धार में कोई योगदान नहीं कर सकता, पाप को प्रोत्साहित करता है और यह सुझाव देता है कि परमेश्वर अवज्ञाकारी को बचाना चाहता है, इसी कारण कई अन्यजाति इस झूठे सिद्धांत को पकड़ते हैं। यीशु ने वास्तव में जो सिखाया वह यह है कि पिता ही हमें पुत्र के पास भेजते हैं, और पिता केवल उन्हीं को भेजते हैं जो उस राष्ट्र को दिए गए नियमों का पालन करते हैं जिसे उन्होंने अपने लिए शाश्वत वाचा के साथ अलग किया। | वह अन्यजाति जो अपने को यहोवा से जोड़ता है, उसकी सेवा करने के लिए, इस प्रकार उसका दास बन जाता है… और जो मेरी वाचा को दृढ़ता से थामे रहता है, उसे मैं अपने पवित्र पर्वत पर भी लाऊँगा। (यशायाह 56:6-7) | parmeshwarkaniyam.org


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