इस जीवन में आशीष और उद्धार प्राप्त करने के लिए हमें अन्यजातियों को जो कुछ जानना आवश्यक है, वह सब पिता ने अपने भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा पुराने नियम में और स्वयं यीशु ने चार सुसमाचारों में बताया है। मसीह के बाद उद्धार के विषय में कोई नई शिक्षा घोषित करनेवाली कोई भविष्यवाणी नहीं है; कोई भी बाद की शिक्षा जो परमेश्वर द्वारा प्रकट की गई योजना को बदलती या प्रतिस्थापित करती है, वह स्वर्ग से नहीं आती। पिता ने पहले ही मार्ग निर्धारित कर दिया है: उन आज्ञाओं का पालन करना जो यीशु से पहले आए भविष्यद्वक्ताओं को दी गई थीं। यही निष्ठा है जिसे पिता पहचानता, सम्मानित करता, आत्मा को अपनी प्रजा में सम्मिलित करता, और क्षमा व अनंत जीवन के लिए पुत्र को सौंपता है। भीड़ से दूर रहो, जब तक जीवित हो, आज्ञा का पालन करो। | वह अन्यजाति जो अपने को प्रभु से जोड़ता है, उसकी सेवा करता है, और मेरी वाचा में दृढ़ रहता है, उसे मैं अपने पवित्र पर्वत पर लाऊँगा। (यशायाह 56:6-7) | parmeshwarkaniyam.org
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