परमेश्वर ने हमेशा अपनी प्रजा से अपेक्षा की है कि वे अपनी पूरी कोशिश से उसकी आज्ञाओं का पालन करें, लेकिन इसका कभी यह अर्थ नहीं रहा कि कोई गलती की कोई गुंजाइश नहीं है, पूर्णता की माँग हो। इसका प्रमाण यह है कि स्वयं परमेश्वर ने बलिदान प्रणाली स्थापित की और उचित समय पर अपने पुत्र को परमेश्वर के मेम्ने के रूप में भेजा। यह सिद्धांत कि व्यवस्था रद्द कर दी गई क्योंकि कोई भी पूर्णता से पालन नहीं कर सकता, न तो भविष्यद्वक्ताओं में और न ही यीशु के शब्दों में कहीं भी समर्थित है। मसीह उनके लिए मरा जो परमेश्वर से प्रेम करते हैं और उस प्रेम को उसकी आज्ञाओं का पालन करने का प्रयास करके सिद्ध करते हैं। केवल इसलिए कि वे अधिक हैं, बहुमत का अनुसरण न करें। अंत पहले ही आ चुका है! जब तक जीवित हैं, आज्ञा मानें। | तू ने अपनी आज्ञाएँ दी हैं, कि हम उन्हें पूरी लगन से मानें। (भजन संहिता 119:4) | parmeshwarkaniyam.org
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