परमेश्वर आंशिक आज्ञापालन को स्वीकार नहीं करते। पुराने नियम या सुसमाचारों में आंशिक आज्ञापालन के लिए कोई समर्थन नहीं है। कल्पना कीजिए यदि अब्राहम ने छुरी के बजाय कुल्हाड़ी ली होती और इसहाक का अंग काट दिया होता। लगभग निश्चित है कि स्वर्गदूत ने उसका हाथ न रोका होता, और वह अपने जीवन के दिन एक विकलांग पुत्र के साथ और परमेश्वर का मित्र और विश्वास का पिता कहलाए बिना समाप्त करता। आज हमारे साथ भी यही है। लगभग सभी अन्यजाति केवल आंशिक रूप से परमेश्वर की आज्ञा मानते हैं और गलतफहमी में रहते हैं कि प्रभु के साथ सब कुछ ठीक है। ऐसा नहीं है। कोई भी अन्यजाति स्वर्ग में नहीं जाएगा जब तक वह वही नियम मानने का प्रयास नहीं करता जो यीशु और उनके प्रेरितों ने माने। और कोई मार्ग नहीं है। भीड़ का अनुसरण मत करो क्योंकि वे अधिक हैं। अंत आ चुका है! जब तक जीवित हो, आज्ञा का पालन करो। | तू ने अपनी आज्ञाओं को आज्ञा दी है, कि हम उन्हें पूरी निष्ठा से मानें। (भजन संहिता 119:4) | parmeshwarkaniyam.org
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